ईज माय ट्रिप (EaseMyTrip) के शेयरों में आज 31 दिसंबर 2024 को भारी गिरावट देखने को मिली। कंपनी के को-फाउंडर निशांत पिट्टी द्वारा अपनी बची हुई हिस्सेदारी बेचने की खबर से शेयर में करीब 10 प्रतिशत की गिरावट आई। आइए जानते हैं इस घटनाक्रम के बारे में विस्तार से।
शेयर में आई भारी गिरावट
मंगलवार को कारोबार की शुरुआत में ही कंपनी के शेयर 15.71 रुपये के स्तर पर खुले, जो पिछले दिन के 17.04 रुपये के मुकाबले काफी कम था। दिन के दौरान शेयर ने 15.36 रुपये का निचला स्तर भी छुआ। हालांकि, बाद में इसमें मामूली सुधार देखने को मिला।
को-फाउंडर का बड़ा कदम
कंपनी के को-फाउंडर निशांत पिट्टी ने अपनी शेष 14.21 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का निर्णय लिया है। यह डील लगभग 780 करोड़ रुपये की है, जिसमें 50 करोड़ शेयरों का लेन-देन शामिल है। प्रति शेयर 15.60 रुपये के भाव से यह ब्लॉक डील की जा रही है।
प्रमुख निवेशकों की दिलचस्पी
इस ब्लॉक डील में कई बड़े संस्थागत निवेशक हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें शामिल हैं:
– क्राफ्ट इमर्जिंग मार्केट फंड पीसीसी – सिटाडेल कैपिटल फंड
– क्राफ्ट इमर्जिंग मार्केट फंड पीसीसी – एलीट कैपिटल फंड
– मल्टीट्यूड ग्रोथ फंड्स लिमिटेड
– नेक्सपैक्ट लिमिटेड
– एमिनेंस ग्लोबल फंड
पिछली हिस्सेदारी बिक्री
यह पहली बार नहीं है जब निशांत पिट्टी ने अपनी हिस्सेदारी बेची है। सितंबर 2024 में भी उन्होंने खुले बाजार में 14 प्रतिशत हिस्सेदारी 920 करोड़ रुपये में बेची थी। इस तरह की लगातार बिक्री से निवेशकों में चिंता बढ़ी है।
शेयर का प्रदर्शन
पिछले कुछ वर्षों में EaseMyTrip के शेयरों ने निवेशकों को निराश किया है:
– एक महीने में 5 प्रतिशत से अधिक की गिरावट
– छह महीने में 21 प्रतिशत का नुकसान
– एक साल में 20 प्रतिशत की गिरावट
– पांच साल में 37 प्रतिशत से अधिक का नुकसान
मार्केट कैप और भविष्य की संभावनाएं
वर्तमान में कंपनी का बाजार पूंजीकरण 2.88 हजार करोड़ रुपये है। प्रमोटर की हिस्सेदारी बिक्री से कंपनी की स्थिरता को लेकर बाजार में चिंता बढ़ी है। हालांकि, नए संस्थागत निवेशकों के प्रवेश से कंपनी के प्रबंधन में नए विचारों और रणनीतियों की उम्मीद जताई जा रही है।
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि अल्पकालिक दबाव के बावजूद, ऑनलाइन ट्रैवल सेगमेंट में कंपनी की मजबूत उपस्थिति और भारतीय पर्यटन क्षेत्र की बढ़ती मांग से लंबी अवधि में सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे कंपनी के आगामी व्यावसायिक निर्णयों और प्रदर्शन पर नजर रखें।