10 जनवरी को औंधे मुंह गिरा सोने का भाव, जाने 24 कैरेट सोने की नई कीमत Gold Silver Price

रांची के सर्राफा बाजार में एक दिलचस्प स्थिति देखने को मिल रही है। जहां एक ओर सोने की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, वहीं चांदी ने अपनी चमक बिखेरते हुए नई ऊंचाई छू ली है। खरमास के चलते शादी-विवाह जैसे शुभ कार्यों में कमी आई है, जिसका सीधा प्रभाव बाजार पर दिख रहा है।

आज के ताजा भाव

रांची के सर्राफा बाजार में आज 22 कैरेट सोना 73,950 रुपये प्रति दस ग्राम पर स्थिर है। वहीं 24 कैरेट सोने की कीमत 77,650 रुपये प्रति दस ग्राम पर टिकी हुई है। चांदी ने एक नया मुकाम हासिल करते हुए 1,00,000 रुपये प्रति किलो का आंकड़ा छू लिया है, जो कल की तुलना में 1,000 रुपये अधिक है।

बाजार का विश्लेषण

स्थानीय सर्राफा व्यापारी मनीष शर्मा के अनुसार, सोने की कीमतों में लगातार तीसरे दिन कोई बदलाव नहीं आया है। यह स्थिरता खरमास के दौरान मांग में आई कमी को दर्शाती है। हालांकि, चांदी की कहानी कुछ अलग है। औद्योगिक क्षेत्र में बढ़ती मांग के कारण चांदी के दाम में उछाल देखा गया है।

खरमास का प्रभाव

हिंदू पंचांग के अनुसार, वर्तमान समय खरमास का है। इस अवधि में मांगलिक कार्य नहीं किए जाते। परिणामस्वरूप, शादी-विवाह जैसे अवसरों पर होने वाली सोने की खरीदारी में कमी आई है। यह स्थिति सोने की कीमतों को प्रभावित कर रही है।

चांदी की चमक

चांदी की कीमतों में आई तेजी कई कारकों का परिणाम है:
– औद्योगिक क्षेत्र में बढ़ती मांग
– अंतरराष्ट्रीय बाजार में सकारात्मक रुख
– छोटे निवेशकों की बढ़ती रुचि
– वैकल्पिक निवेश के रूप में बढ़ती लोकप्रियता

निवेशकों के लिए सुझाव

सोना खरीदते समय ध्यान रखें:

– हमेशा हॉलमार्क वाले सोने की खरीदारी करें
– बीआईएस प्रमाणित जेवरात को प्राथमिकता दें
– सोने की शुद्धता की जांच करें (24 कैरेट – 99.9%, 22 कैरेट – 91.6%, 18 कैरेट – 75%)
– विश्वसनीय जौहरी से ही खरीदारी करें

चांदी में निवेश के फायदे:

– कम पूंजी में निवेश की संभावना
– औद्योगिक उपयोग के कारण स्थिर मांग
– लंबी अवधि में अच्छे रिटर्न की संभावना
– पोर्टफोलियो विविधीकरण का बेहतर विकल्प

विशेषज्ञों का मानना है कि खरमास समाप्त होने के बाद सोने की मांग में बढ़ोतरी देखी जा सकती है। आगामी शादी सीजन और त्योहारों के दौरान कीमतों में तेजी आ सकती है। वहीं चांदी की कीमतें औद्योगिक मांग के चलते मजबूत बनी रह सकती हैं।

निवेशकों और खरीदारों को सलाह दी जाती है कि वे बाजार की स्थिति का सूक्ष्म विश्लेषण करें और अपनी जरूरतों के अनुसार ही खरीदारी करें। खरमास के बाद शुभ मुहूर्त में बढ़ने वाली मांग को देखते हुए, कीमतों में उतार-चढ़ाव की संभावना बनी रहेगी।

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